भारतीय सेना के जवान ने परेशान होकर राष्ट्रपति से मांगी इच्छामृत्यु
एक तरफ जहां लोग देश की सेना को बेपनाह प्यार करते हैं। वहीं दूसरी तरफ राजस्थान के कोटा जिले के लाखेरी गांव के सूबेदार विजय कुमार अपने माता पिता के शव को लेकर दर-दर की ठोकरे खा रहे हैं। इस लाचार सिस्टम से भारतीय सेना का यह जवान इतना परेशान हो गया है कि उसने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की है। इस संबंध में उसने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
दरअसल भारतीय सेना में कार्यरत नायब सूबेदार विजय कुमार के माता और पिता कोटा स्थित रेलवे स्टेशन के क्षेत्र से उनके घर से अपहरण कर 13 महीने पहले हत्या कर दी गई थी। पिछले 13 महीनों से नायब सूबेदार विजय कुमार अपने माता पिता के शवों के लिए पुलिस स्टेशन से लेकर राज्य के हर बड़े आला अधिकारी के चक्कर काट चुके हैं। मगर इस लाचार सिस्टम के कारण अभी तक उन्हें 13 महीनों में उनके माता-पिता के शव बरामद नहीं हो पाए हैं। जिस कारण विजय कुमार बहुत परेशान हो चुके हैं।
राष्ट्रपति के लिए जिला अधिकारी को दिए गए ज्ञापन में नायब सूबेदार विजय कुमार ने कहा कि मुझे सेना में कार्य करते हुए 24 साल हो गए। मगर 13 महीने की इस असहनीय पीड़ा और राज्य के आला अधिकारियों और राजनेताओं के घर के चक्कर काटते काटते मुझे इतना समय बीत गया। मगर अब भी मुझे अपने माता-पिता के शवों का कोई भी सुराग नहीं मिल पाया है। अब मेरा धैर्य जवाब दे गया है। बता दें कि अपराधियों के डीएनए से लेकर नारकोटेस्ट तक हो चुके हैं। मगर विजय कुमार के माता पिता के शवों का कोई सुराग नहीं मिला।
आपको बता दें कि नायब सूबेदार विजय कुमार के माता पिता हजारीलाल और कैलाशी बाई का अपहरण पिछले वर्ष जनवरी में हुआ था। जिसके बाद परिजनों ने 8 जनवरी 2018 को कोटा के उद्योग नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की छानबीन के बाद यह मामला पहले अपहरण और बाद में हत्या का निकला। पुलिस ने 8 फरवरी 2018 को खुलासा किया कि विजय कुमार के माता पिता की हत्या हो चुकी है। इस संबंध में पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार भी किया और मौके से कुछ सामान भी बरामद किए। मगर अब तक विजय कुमार के माता पिता के शवों की बरामदगी नहीं हो पाई है।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



